04 नवंबर, 2009

ई-इंडिया २००९

विगत २५-२६-२७ अगस्त को ई-इंडिया कड़ी का पाँचवाँ आयोजन हैदराबाद के अन्तरराष्ट्रीय संगोष्ठी केन्द्र में संपन्न हुआ। सूचना अौर संचार क्रांति के भारतीय जीवन में पहुँच अौर प्रभाव संबंधी विविध आयामों पर लगातार तीन दिनों तक चर्चा होती रही। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य िवचारणीय विषय थे-डिजिटल शिक्षण,ई-गवर्नेंस अौर ई-स्वास्थ्य।दिल्ली विश्वविद्यालय के जीवन पर्यंत शिक्षण संस्थान की अोर से मुझे इसमे शिरकत करने अवसर मिला। शिक्षा,स्वास्थ्य,कृषि अौर प्रशासन की बेहतरी के लिये सूचना-संचार तकनीक की उपयोगिता,इसकी सीमाअों अौर इसकी उपलब्धता को लेकर कई समानान्तर सत्रों में चर्चा हुई।कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मानव संसाधन राज्यमंत्री सुश्री डी०पुरंदेश्वरी ने सूचना अौर संचार तकनीक की जरूरतों तथा उसके समुचित नियोजन पर बल दिया। अाम आदमी तक यह तकनीक कैसे पहुँचे,यह चिंता भी उनके वक्तव्य में साफ-साफ दिखी। इस आयोजन की महत्त्वपूर्ण बात यह भी थी कि इसमें सरकारी, कार्पोरेट, अकादमिक,तकनीकी संस्थान,गैर-सरकारी संगठन आदि विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने अपने विचार, उत्पाद अौर परियोजनाअों से एक-दूसरे से साझा किया।

विज्ञान,विकास अौर मीडिया अध्ययन केन्द्र के अध्यक्ष श्री के०एम०नारायण ने स्वागत भाषण दिया।

विभिन्न सत्रों में तकनीक की कुशलता ही नहीं उसकी प्रासंगिकता अौर उसकी कीमतों को लेकर भी पर्याप्त बहस हुई। जहाँ कुछ वक्ताअों का मानना था कि लगातार एक दक्ष तकनीक का विकास किया जाना चाहिये वहीं अधिकांश वक्ता तकनीक के किफायती होने अौर उसकी पहुँच को आमजन तक सुनिश्चित करने के पक्षधर दिखे। सूचना-संचार तकनीक हमारे जीवन की एक अनिवार्य अावश्यकता बनती जा रही है।किसानी से लेकर बैंकिंग अौर रोजमर्रा के संवाद को अंजाम देने में इस तकनीक की भूमिका निरंतर बढ़ती जा रही है। इस संगोष्ठी में एक अन्य महत्त्वपूर्ण विषय स्वास्थ्य सेवाअों में सूचना-संचार तकनीक की उपयोगिता का भी था।

2 टिप्‍पणियां:

अमरेन्द्र नाथ त्रिपाठी ने कहा…

आपके द्वारा दी गई जानकारी
पढ़ कर अच्छा लगा |
दकनी हिंदी के गढ़ में
पहल बढ़िया है |
नीक लाग ...
धन्यवाद ...

जगदीश्‍वर चतुर्वेदी ने कहा…

क्‍या वहां पर ज्ञान चर्चा नहीं हुई ?यदि‍ हुई थी तो थोडा उसके बारे में भी बताओ जि‍ससे हम लोगों को लाभ मि‍ले।रि‍पोर्ट अच्‍छी लगी।